Jantar Mantar प्रदर्शन में PM Modi के खिलाफ कथित आपत्तिजनक नारेबाजी, महिला की शिकायत पर FIR दर्ज

By: Abhinav kumar

On: Friday, July 31, 2026 11:00 AM

Jantar Mantar प्रदर्शन
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Jantar Mantar प्रदर्शन में PM Modi के खिलाफ कथित आपत्तिजनक नारेबाजी, देश में जब भी कोई बड़ा आंदोलन होता है, तो उसकी गूंज सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहती बल्कि कानूनी और राजनीतिक गलियारों तक भी पहुंच जाती है। हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित छात्र आंदोलन के बाद ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसने नई बहस को जन्म दे दिया है। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी और नारेबाजी का आरोप लगने के बाद अब इस मामले ने कानूनी रूप ले लिया है। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ऐसे में यह मामला अब केवल एक प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानूनी जिम्मेदारी के बीच संतुलन पर भी चर्चा का विषय बन गया है।

Jantar Mantar प्रदर्शन के बाद बढ़ा विवाद

23 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र और युवा विभिन्न मांगों को लेकर एकत्र हुए थे। इस आंदोलन में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए प्रदर्शनकारियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान कई तरह के पोस्टर, नारे और व्यंग्यात्मक संदेश भी देखने को मिले, जिनके जरिए सरकार और व्यवस्था के खिलाफ अपनी बात रखने की कोशिश की गई।

इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से अभद्र टिप्पणी और नारेबाजी किए जाने का आरोप सामने आया। इस घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनीं, जिसके बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया।

Jantar Mantar प्रदर्शन

महिला अधिवक्ता की शिकायत पर दर्ज हुई FIR

इस मामले में गाजियाबाद के वसुंधरा क्षेत्र की निवासी और सर्वोच्च न्यायालय की अधिवक्ता स्मृति सिंह ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन के दौरान एक महिला द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी की गई, जो सार्वजनिक मर्यादा और कानून के दायरे से बाहर है।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली। शिकायतकर्ता का कहना है कि सार्वजनिक मंचों पर इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल समाज में गलत संदेश देता है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया

पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, 353(1) और 356(1) के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार, अब पूरे मामले की जांच की जा रही है और उपलब्ध वीडियो, तस्वीरों तथा अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल की जाएगी।

चूंकि घटना दिल्ली के जंतर-मंतर स्थित संसद मार्ग थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, इसलिए आगे की जांच भी संबंधित पुलिस इकाइयों के समन्वय से की जाएगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कानूनी कार्रवाई होगी।

Jantar Mantar प्रदर्शन

सोशल मीडिया पर भी तेज हुई बहस

इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों का मानना है कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन और अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन विरोध की भाषा हमेशा मर्यादित और सम्मानजनक होनी चाहिए।

वहीं, कुछ लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस जांच पूरी होने का इंतजार किया जाना चाहिए। इसी वजह से यह मामला केवल कानूनी ही नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक चर्चा का भी विषय बन गया है।

जांच के बाद ही सामने आएगी पूरी तस्वीर

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित टिप्पणी किस परिस्थिति में की गई, उपलब्ध वीडियो कितने प्रमाणिक हैं और शिकायत में लगाए गए आरोप तथ्यों से कितने मेल खाते हैं।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में जांच सबसे महत्वपूर्ण चरण होती है। किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी या दोष तय करने से पहले सभी साक्ष्यों की निष्पक्ष समीक्षा आवश्यक होती है। इसलिए जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं माना जा सकता।

लोकतंत्र में विरोध और जिम्मेदारी दोनों जरूरी

भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। लोग अपनी मांगों और असहमति को सार्वजनिक रूप से व्यक्त कर सकते हैं। हालांकि, इसके साथ यह जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है कि किसी भी विरोध के दौरान कानून, सार्वजनिक मर्यादा और सामाजिक सौहार्द का सम्मान किया जाए।

यदि किसी प्रदर्शन के दौरान कानून के उल्लंघन के आरोप लगते हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया का पालन लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यही कारण है कि इस मामले में भी पुलिस कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई कर रही है।

Jantar Mantar प्रदर्शन

निष्कर्ष:

जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोपों ने इस मामले को नया मोड़ दे दिया है। महिला अधिवक्ता की शिकायत के बाद FIR दर्ज हो चुकी है और पुलिस जांच जारी है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है। फिलहाल सभी पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच का इंतजार किया जा रहा है।

Disclaimer:

यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें वर्णित आरोप शिकायतों पर आधारित हैं और अभी जांच प्रक्रिया जारी है। किसी भी व्यक्ति को तब तक दोषी नहीं माना जा सकता, जब तक सक्षम न्यायालय या संबंधित प्राधिकरण द्वारा ऐसा निर्धारित न किया जाए। इस लेख का उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है।

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Abhinav kumar

मेरा नाम अभिनव है और मैं Daily Sutra के लिए लेखन करता हूँ। मुझे टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, ई-स्पोर्ट्स, एंटरटेनमेंट और लेटेस्ट न्यूज़ जैसे विषयों पर आर्टिकल लिखने का अनुभव है। मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि जानकारी आसान, स्पष्ट और भरोसेमंद भाषा में प्रस्तुत करूँ, ताकि हर पाठक उसे आसानी से समझ सके। मेरा फोकस पाठकों तक सही और उपयोगी जानकारी पहुँचाने पर रहता है। डिजिटल मीडिया के लिए तथ्यात्मक और यूज़र-फ्रेंडली कंटेंट लिखना मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
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