NEET PG 2025-26 Counseling पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल घटाने के फैसले पर केंद्र से मांगा जवाब

By: Aman kumar

On: Thursday, August 6, 2026 11:00 AM

NEET PG 2025-26
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NEET PG 2025-26, काउंसलिंग को लेकर देशभर के मेडिकल अभ्यर्थियों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है। हजारों छात्र लंबे समय से इस प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल घटाने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी ने इस पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। कोर्ट ने इस फैसले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। ऐसे में छात्रों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर काउंसलिंग समय पर होगी या इसमें और देरी हो सकती है। आइए जानते हैं कि पूरे मामले में अब तक क्या हुआ है और इसका छात्रों पर क्या असर पड़ सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्यों उठाए सवाल?

NEET PG 2025-26 काउंसलिंग के दौरान क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल कम करने के फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने केंद्र सरकार से इस निर्णय के पीछे की वजह स्पष्ट करने को कहा। कोर्ट ने यह जानने की कोशिश की कि आखिर किन परिस्थितियों में यह फैसला लिया गया और क्या इससे मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया की गुणवत्ता पर कोई असर पड़ सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि मेडिकल शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में लिए जाने वाले फैसले पूरी पारदर्शिता और स्पष्ट नीति के आधार पर होने चाहिए। अदालत का मानना है कि ऐसे फैसलों का सीधा असर हजारों छात्रों के भविष्य पर पड़ता है, इसलिए सरकार को ठोस आधार प्रस्तुत करना होगा।

केंद्र सरकार ने कोर्ट को क्या बताया?

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल कम करने का फैसला कुछ विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया था। सरकार ने यह भी कहा कि इस फैसले का उद्देश्य सीटों को खाली रहने से बचाना और योग्य उम्मीदवारों को अवसर देना था।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के इस पक्ष को सुनने के बाद विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए कहा। अदालत ने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय सभी तथ्यों और नियमों को ध्यान में रखते हुए ही लिया जाएगा।

छात्रों के बीच बढ़ी चिंता

इस पूरे घटनाक्रम के बाद NEET PG अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है। कई छात्रों का मानना है कि अगर काउंसलिंग प्रक्रिया में कानूनी अड़चन आती है तो प्रवेश प्रक्रिया में देरी हो सकती है। वहीं कुछ अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाएगा।

विशेषज्ञों का भी कहना है कि मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया में स्थिरता और स्पष्टता बेहद जरूरी है, क्योंकि किसी भी तरह की अनिश्चितता का असर छात्रों की पढ़ाई, करियर और भविष्य की योजना पर पड़ता है।

क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल घटाने का क्या मतलब है?

किसी भी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल वह न्यूनतम स्तर होता है, जिसे प्राप्त करने के बाद उम्मीदवार काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होने के योग्य माना जाता है। यदि इसे कम किया जाता है तो पहले अयोग्य माने गए कुछ उम्मीदवार भी काउंसलिंग में हिस्सा लेने के पात्र बन सकते हैं।

आमतौर पर ऐसा कदम तब उठाया जाता है जब बड़ी संख्या में सीटें खाली रहने की संभावना हो या पर्याप्त योग्य उम्मीदवार उपलब्ध न हों। हालांकि इस तरह के फैसले हमेशा चर्चा और कानूनी समीक्षा का विषय बन जाते हैं क्योंकि इनका असर चयन प्रक्रिया की प्रतिस्पर्धा और गुणवत्ता दोनों पर पड़ सकता है।

आगे क्या होगा?

अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हुई है। केंद्र सरकार को अपना विस्तृत पक्ष अदालत के सामने रखना होगा। इसके बाद ही कोर्ट तय करेगा कि क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल घटाने का फैसला नियमों के अनुरूप है या नहीं।

जब तक अदालत का अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक NEET PG 2025-26 काउंसलिंग से जुड़े अभ्यर्थियों को आधिकारिक घोषणाओं पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। किसी भी अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर भरोसा करने के बजाय केवल आधिकारिक स्रोतों से मिलने वाले अपडेट को ही सही माना जाना चाहिए।

छात्रों के लिए क्या है सबसे जरूरी?

इस समय सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अभ्यर्थी धैर्य बनाए रखें और काउंसलिंग से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। यदि सुप्रीम कोर्ट की ओर से कोई नया निर्देश जारी होता है तो उसके अनुसार काउंसलिंग की प्रक्रिया में बदलाव संभव है। इसलिए आधिकारिक वेबसाइट और संबंधित संस्थानों की सूचना पर लगातार नजर रखना ही सबसे समझदारी भरा कदम होगा।

Disclaimer:

यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और सार्वजनिक रूप से सामने आई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। NEET PG 2025-26 काउंसलिंग और सुप्रीम कोर्ट से जुड़े मामले में अंतिम निर्णय संबंधित न्यायालय और आधिकारिक संस्थाओं द्वारा जारी आदेशों के अनुसार ही मान्य होगा। अभ्यर्थियों को किसी भी निर्णय या प्रक्रिया से पहले आधिकारिक नोटिस और संबंधित वेबसाइट पर जारी जानकारी अवश्य जांचनी चाहिए।

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Aman kumar

मेरा नाम Aman है और मैं Daily Sutra के लिए लेखन करता हूँ। मुझे टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, ई-स्पोर्ट्स, एंटरटेनमेंट और लेटेस्ट न्यूज़ जैसे विषयों पर आर्टिकल लिखने का अनुभव है। मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि जानकारी आसान, स्पष्ट और भरोसेमंद भाषा में प्रस्तुत करूँ, ताकि हर पाठक उसे आसानी से समझ सके। मेरा फोकस पाठकों तक सही और उपयोगी जानकारी पहुँचाने पर रहता है। डिजिटल मीडिया के लिए तथ्यात्मक और यूज़र-फ्रेंडली कंटेंट लिखना मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
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