‘TOXIC’: साउथ सुपरस्टार यश का नाम सुनते ही दर्शकों के दिमाग में दमदार एक्शन, शानदार स्क्रीन प्रेजेंस और बड़े बजट की फिल्में घूमने लगती हैं। ‘केजीएफ’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के बाद अब हर किसी की नजर उनकी अगली फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ पर टिकी हुई है। लेकिन इस बार चर्चा सिर्फ यश की दमदार एंट्री या फिल्म की कहानी को लेकर नहीं हो रही। सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा बातें फिल्म में दिखाए गए बोल्ड और इंटीमेट सीन्स को लेकर हो रही हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या ‘टॉक्सिक’ की सफलता की रणनीति इसकी कहानी होगी या फिर बोल्डनेस?
टीजर से ही शुरू हो गई थी चर्चा
जब फिल्म का पहला टीजर रिलीज हुआ, तभी से ‘टॉक्सिक’ ने इंटरनेट पर हलचल मचा दी थी। टीजर में यश को ब्राजीलियन मॉडल बीट्रिज टाउफेनबाख के साथ इंटीमेट मोमेंट्स में दिखाया गया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और लोगों के बीच फिल्म को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
कुछ दर्शकों ने इसे कहानी का हिस्सा मानते हुए स्वीकार किया, जबकि कई लोगों का कहना था कि फिल्म की चर्चा बढ़ाने के लिए जानबूझकर ऐसे दृश्य दिखाए गए हैं। इसी एक टीजर ने ‘टॉक्सिक’ को रिलीज से पहले ही सुर्खियों में ला दिया।
ट्रेलर और गानों में भी दिखी बोल्डनेस की झलक
टीजर के बाद जब फिल्म का ट्रेलर और गाने सामने आए तो उनमें भी रोमांटिक और इंटीमेट सीन्स की भरमार देखने को मिली। खासतौर पर तारा सुतारिया और कियारा आडवाणी के साथ फिल्माए गए कुछ सीन्स सोशल मीडिया पर लगातार शेयर किए जाने लगे।
इन क्लिप्स ने फिल्म को लेकर उत्सुकता जरूर बढ़ाई, लेकिन साथ ही यह बहस भी शुरू हो गई कि क्या फिल्म की मार्केटिंग का सबसे बड़ा आधार बोल्ड कंटेंट ही है। कई लोग इसे आधुनिक सिनेमा का हिस्सा मान रहे हैं, जबकि कुछ दर्शकों का मानना है कि ज्यादा बोल्डनेस कहानी की अहमियत को कम कर सकती है।

क्या बदल चुकी है फिल्मों की मार्केटिंग?
आज का दौर डिजिटल मीडिया का है। पहले जहां फिल्मों के प्रमोशन के लिए बड़े-बड़े इवेंट और टीवी शो का सहारा लिया जाता था, वहीं अब कुछ सेकेंड की वायरल क्लिप्स पूरी फिल्म को चर्चा का विषय बना देती हैं।
निर्माता और निर्देशक जानते हैं कि सोशल मीडिया पर वही कंटेंट सबसे ज्यादा वायरल होता है जो लोगों का ध्यान तुरंत खींच ले। ऐसे में बोल्ड सीन्स, रोमांटिक मोमेंट्स और विवादित झलकियां प्रमोशन का हिस्सा बनती जा रही हैं। ‘टॉक्सिक’ भी इसी रणनीति का इस्तेमाल करती हुई नजर आ रही है।
क्या सिर्फ इंटीमेट सीन्स से फिल्म हिट हो सकती है?
फिल्म इंडस्ट्री का इतिहास बताता है कि शुरुआती चर्चा किसी भी फिल्म को शानदार ओपनिंग जरूर दिला सकती है, लेकिन लंबे समय तक सिनेमाघरों में टिकने के लिए मजबूत कहानी, दमदार अभिनय और भावनात्मक जुड़ाव सबसे जरूरी होते हैं। अगर दर्शकों को फिल्म की कहानी पसंद नहीं आती, तो सिर्फ बोल्ड सीन्स किसी फिल्म को सुपरहिट नहीं बना सकते। वहीं दूसरी ओर, यदि कहानी शानदार हो और बोल्ड सीन्स कहानी की जरूरत के अनुसार इस्तेमाल किए गए हों, तो दर्शक उन्हें आसानी से स्वीकार भी कर लेते हैं।
यही वजह है कि ‘टॉक्सिक’ के लिए असली परीक्षा उसकी रिलीज के बाद शुरू होगी, जब दर्शक तय करेंगे कि फिल्म कंटेंट के दम पर याद रखी जाएगी या सिर्फ अपने बोल्ड प्रमोशन की वजह से।
यश के सामने बड़ी चुनौती
‘केजीएफ’ के बाद यश की लोकप्रियता सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में बढ़ी है। ऐसे में दर्शकों की उम्मीदें भी पहले से कहीं ज्यादा हैं। फैंस चाहते हैं कि उन्हें एक बार फिर दमदार कहानी, शानदार एक्शन और यादगार किरदार देखने को मिले।
यदि ‘टॉक्सिक’ इन उम्मीदों पर खरी उतरती है तो यह यश के करियर की एक और बड़ी सफलता साबित हो सकती है। लेकिन अगर फिल्म सिर्फ बोल्डनेस के सहारे दर्शकों को आकर्षित करने की कोशिश करती नजर आई, तो यह रणनीति उलटी भी पड़ सकती है।
क्या बोलेगा बॉक्स ऑफिस?
फिलहाल ‘टॉक्सिक’ रिलीज से पहले ही चर्चा का सबसे बड़ा विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया पर इसके टीजर, ट्रेलर और गानों को लेकर लगातार बहस चल रही है। कुछ लोग इसे एक बोल्ड और अलग तरह की फिल्म मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे सिर्फ मार्केटिंग का तरीका बता रहे हैं।
अब सारी निगाहें फिल्म की रिलीज पर हैं। आखिरकार फैसला दर्शकों के हाथ में होगा कि वे ‘टॉक्सिक’ को उसकी कहानी, अभिनय और निर्देशन के लिए पसंद करते हैं या फिर यह फिल्म सिर्फ अपने बोल्ड सीन्स की वजह से ही चर्चा में रह जाएगी।
Disclaimer:
यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना और फिल्म से जुड़ी चर्चाओं को प्रस्तुत करना है। फिल्म की वास्तविक गुणवत्ता, कहानी और दर्शकों की प्रतिक्रिया रिलीज के बाद ही स्पष्ट होगी।
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