100 करोड़ पार ‘हनुमान अंश’ छोटे बजट की फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर मचाई बड़ी हलचल
जब कोई फिल्म बेहद कम बजट में बनकर दर्शकों के दिल तक पहुंचती है और फिर बॉक्स ऑफिस पर करोड़ों की कमाई करने लगती है, तो उसकी कहानी सिर्फ पर्दे पर दिखाई देने वाली कहानी नहीं रह जाती। ऐसी ही एक फिल्म इन दिनों दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। नीम करौली बाबा की जिंदगी से प्रेरित फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद से कहीं बड़ा प्रदर्शन करते हुए 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है।
सबसे खास बात यह है कि फिल्म को महज करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में तैयार किया गया बताया जा रहा है। ऐसे समय में जब बड़ी-बड़ी फिल्मों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, ‘हनुमान अंश’ की कमाई ने फिल्म इंडस्ट्री में भी लोगों का ध्यान खींचा है। फिल्म की सफलता को लेकर दर्शकों के बीच उत्साह लगातार बना हुआ है।
31वें दिन भी सिनेमाघरों में कायम है फिल्म का असर
फिल्म की रिलीज के करीब एक महीने बाद भी इसकी कमाई की रफ्तार थमती नजर नहीं आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिलीज के 31वें दिन यानी रविवार को भी फिल्म ने दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचा। फिल्म का भारत में कुल कलेक्शन 100 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है।
यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि फिल्म का निर्माण बेहद सीमित बजट में किया गया था। आमतौर पर बड़े स्टार्स और भारी-भरकम बजट वाली फिल्मों से बॉक्स ऑफिस पर बड़ी कमाई की उम्मीद की जाती है, लेकिन ‘हनुमान अंश’ ने इस सोच को काफी हद तक बदलने का काम किया है।
फिल्म की सफलता के पीछे इसकी कहानी, आध्यात्मिक भावनाओं और दर्शकों से बने जुड़ाव को अहम वजह माना जा रहा है। फिल्म ने उन दर्शकों को भी आकर्षित किया है, जो धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों पर बनी कहानियों में दिलचस्पी रखते हैं।
डायरेक्टर ने नहीं ली फिल्म की फीस
‘हनुमान अंश’ से जुड़ी सबसे दिलचस्प बात फिल्म के निर्देशक विशाल से जुड़ी है। उन्होंने बताया कि वह इस फिल्म के निर्माता और निर्देशक दोनों हैं। इसी वजह से उन्होंने फिल्म के लिए अपनी फीस लेने का फैसला नहीं किया।
विशाल के इस फैसले ने फिल्म के निर्माण को लेकर उनकी प्रतिबद्धता को दिखाया। एक निर्देशक के लिए अपनी मेहनत की फीस छोड़ देना कोई सामान्य बात नहीं होती, लेकिन इस प्रोजेक्ट को लेकर उनका जुड़ाव शायद व्यावसायिक फायदे से कहीं आगे था।
फिल्म की सफलता के बाद उनकी यह कहानी और भी दिलचस्प हो गई है। जिस प्रोजेक्ट में उन्होंने अपनी फीस तक छोड़ दी, वही फिल्म अब बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर चुकी है।

पांच महीने तक किया फलाहार, बदली अपनी जीवनशैली
फिल्म के निर्देशक से जुड़ी एक और बात लोगों को हैरान कर रही है। बताया गया है कि फिल्म पर काम करने के दौरान उन्होंने करीब पांच महीने तक फलाहार किया। यानी इस दौरान उन्होंने अपने खान-पान में बड़ा बदलाव किया और मुख्य रूप से फलों पर निर्भर रहे।
उनके मुताबिक, फिल्म के आध्यात्मिक विषय से खुद को जोड़ने के लिए उन्होंने अपनी जीवनशैली में भी कई बदलाव किए। किसी फिल्म के लिए महीनों तक अपनी दिनचर्या और खान-पान बदलना आसान नहीं होता। इसके लिए अनुशासन और मजबूत इच्छाशक्ति की जरूरत होती है।
यही वजह है कि फिल्म की सफलता के साथ-साथ निर्देशक की इस व्यक्तिगत साधना की भी चर्चा हो रही है। उनके लिए यह फिल्म केवल एक सिनेमाई प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक भावनात्मक और आध्यात्मिक यात्रा भी रही।
रोज किया हनुमान चालीसा का पाठ
‘हनुमान अंश’ के निर्माण के दौरान निर्देशक ने आध्यात्मिक अनुशासन को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया। बताया गया है कि वह रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करते थे।
हनुमान चालीसा भगवान हनुमान के भक्तों के बीच विशेष आस्था रखती है। ऐसे में फिल्म का विषय और निर्देशक की निजी दिनचर्या एक-दूसरे से जुड़ते हुए दिखाई देते हैं। फिल्म के निर्माण के दौरान उनका यह आध्यात्मिक जुड़ाव उनके लिए प्रेरणा का माध्यम रहा होगा।
यही पहलू ‘हनुमान अंश’ की कहानी को पर्दे के बाहर भी खास बना देता है। फिल्म देखने वाले दर्शकों के लिए यह जानना भावुक करने वाला हो सकता है कि पर्दे पर जिस आध्यात्मिक दुनिया को दिखाने की कोशिश की गई, उसके निर्माण में टीम के कुछ सदस्यों ने निजी स्तर पर भी काफी समर्पण किया।
नीम करौली बाबा की जिंदगी से प्रेरित है फिल्म
‘हनुमान अंश’ की कहानी का केंद्र नीम करौली बाबा का जीवन और उनसे जुड़ी आध्यात्मिक विरासत है। नीम करौली बाबा को उनके अनुयायी हनुमान जी के परम भक्त के रूप में श्रद्धा से याद करते हैं। उनकी सादगी, सेवा और आध्यात्मिक विचारों से जुड़ी कई कहानियां आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय हैं।
ऐसे विषय को फिल्म के माध्यम से बड़े पर्दे पर पेश करना अपने आप में चुनौतीपूर्ण काम है। धार्मिक और आध्यात्मिक कहानियों से दर्शकों की भावनाएं गहराई से जुड़ी होती हैं। इसलिए ऐसी फिल्म बनाने के लिए केवल कहानी कहने की क्षमता ही नहीं, बल्कि विषय के प्रति संवेदनशीलता भी जरूरी होती है।
‘हनुमान अंश’ की बॉक्स ऑफिस सफलता से संकेत मिलता है कि दर्शकों के एक बड़े वर्ग ने इस विषय को पसंद किया है और फिल्म के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ाव महसूस किया है।
2 करोड़ से 100 करोड़ तक का सफर बना मिसाल
‘हनुमान अंश’ की सबसे बड़ी उपलब्धि उसका कम बजट और शानदार बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन है। करीब 2 करोड़ रुपये के बजट वाली फिल्म का 100 करोड़ रुपये से अधिक कमाना फिल्म कारोबार के लिहाज से बेहद बड़ा अंतर है।
इस सफलता को केवल आंकड़ों में देखना शायद पूरी कहानी नहीं बताता। यह फिल्म इस बात का उदाहरण भी बन गई है कि दर्शकों को आकर्षित करने के लिए हमेशा बहुत बड़ा बजट या महंगे सितारे ही जरूरी नहीं होते। अगर कहानी लोगों की भावनाओं से जुड़ जाए और उसे ईमानदारी से पेश किया जाए, तो सीमित संसाधनों में बनी फिल्म भी बड़ी सफलता हासिल कर सकती है।
फिलहाल ‘हनुमान अंश’ की सफलता ने फिल्म इंडस्ट्री के साथ-साथ दर्शकों के बीच भी उत्सुकता बढ़ा दी है। एक तरफ फिल्म 100 करोड़ क्लब में शामिल हो चुकी है, वहीं दूसरी तरफ इसके निर्देशक की फीस माफ करने, पांच महीने फलाहार करने और नियमित हनुमान चालीसा पाठ करने की कहानी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है।
फिल्म की यह पूरी यात्रा बताती है कि कभी-कभी पर्दे पर दिखाई जाने वाली कहानी से ज्यादा दिलचस्प उसके पीछे छिपी मेहनत, आस्था और जुनून की कहानी होती है। ‘हनुमान अंश’ के लिए भी शायद यही बात सबसे ज्यादा मायने रखती है।
Disclaimer:
इस लेख में बॉक्स ऑफिस कलेक्शन, बजट और फिल्म से जुड़े अन्य आंकड़े उपलब्ध रिपोर्ट्स और दिए गए विवरण के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं। बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों में अलग-अलग स्रोतों के अनुसार बदलाव संभव है। फिल्म और इससे जुड़े आध्यात्मिक पहलुओं को लेकर व्यक्त बातें संबंधित रिपोर्ट्स और उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं।
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