CBSE Board Exam 2026: नए नियम, 75% Attendance और Two-Year Study अब अनिवार्य

By: Dailysutra

On: Thursday, September 18, 2025 1:00 PM

CBSE Board Exam 2026
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CBSE Board Exam 2026: बोर्ड परीक्षाएं हर छात्र की ज़िंदगी का सबसे अहम मोड़ होती हैं। माता-पिता की उम्मीदें, शिक्षकों की मेहनत और छात्रों की तैयारी – सबका मिलाजुला असर इन परीक्षाओं में झलकता है। इसी को और बेहतर तथा अनुशासित बनाने के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन CBSE Board Exam 2026 की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर नए नियम जारी किए हैं। ये बदलाव न केवल बच्चों के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए हैं, बल्कि शिक्षा को और ज़्यादा गंभीर और सार्थक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम भी हैं।

दो साल की पढ़ाई अनिवार्य

CBSE Board Exam 2026

CBSE ने साफ कर दिया है कि कक्षा 10 और 12 सिर्फ एक साल की परीक्षा नहीं हैं, बल्कि ये दोनों कक्षाएं दो साल के शैक्षणिक कार्यक्रम के रूप में मानी जाएंगी। इसका मतलब यह है कि बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए छात्र को लगातार दो साल तक उसी कक्षा में पढ़ाई करनी होगी। इस कदम का उद्देश्य शॉर्टकट अपनाने वाले बच्चों को रोकना और पढ़ाई की निरंतरता पर जोर देना है।

75% उपस्थिति होगी ज़रूरी

अब केवल पढ़ाई करना ही काफी नहीं होगा, बल्कि कक्षा में उपस्थित रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। CBSE ने फिर से स्पष्ट किया है कि बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए छात्रों की न्यूनतम 75% उपस्थिति अनिवार्य होगी। अगर कोई छात्र इस मानक पर खरा नहीं उतरता, तो उसे परीक्षा में बैठने का मौका नहीं मिलेगा, चाहे उसकी पढ़ाई कितनी ही अच्छी क्यों न हो। कोरोना महामारी के बाद से क्लासरूम उपस्थिति में कमी देखी गई थी, इसलिए यह नियम और भी कड़ा कर दिया गया है।

आंतरिक मूल्यांकन में भागीदारी अनिवार्य

 

CBSE Board Exam 2026

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत CBSE ने आंतरिक मूल्यांकन यानी इंटरनल असेसमेंट को और ज्यादा अहमियत दी है। अब कोई भी छात्र यदि इन आंतरिक परीक्षाओं या असाइनमेंट्स में हिस्सा नहीं लेता, तो उसका बोर्ड रिजल्ट घोषित ही नहीं किया जाएगा। ऐसे छात्रों को “Essential Repeat” की श्रेणी में डाल दिया जाएगा और उन्हें साल दोबारा दोहराना पड़ेगा। यह नियम इसलिए लागू किया गया है ताकि पढ़ाई पूरे साल भर गंभीरता से हो, सिर्फ साल के अंत की परीक्षा पर ही ध्यान न दिया जाए।

अतिरिक्त विषयों पर लचीलापन, लेकिन शर्तों के साथ

CBSE ने छात्रों को अतिरिक्त विषय लेने की छूट भी दी है। कक्षा 10 के छात्रों को अब पाँच मुख्य विषयों के अलावा दो और विषय लेने का विकल्प मिलेगा। वहीं, कक्षा 12 के छात्रों के लिए एक अतिरिक्त विषय की अनुमति होगी। हालांकि, इसके लिए स्कूल को CBSE से पहले मंजूरी लेनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि उस विषय के लिए योग्य शिक्षक उपलब्ध हों।

प्राइवेट उम्मीदवारों के लिए नया प्रावधान

जो छात्र किसी कारणवश फेल हो जाते हैं, कम्पार्टमेंट में आते हैं या “Essential Repeat” की श्रेणी में रखे जाते हैं, उन्हें एक और मौका दिया जाएगा। ऐसे छात्र निजी उम्मीदवार (Private Candidate) के रूप में दोबारा परीक्षा दे सकेंगे।

निष्कर्ष

CBSE का यह कदम छात्रों के शैक्षणिक भविष्य को और मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है। अब पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि अनुशासन, नियमितता और निरंतर मेहनत ही सफलता की कुंजी बनेगी।

Disclaimer: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। अधिकृत और ताज़ा जानकारी के लिए हमेशा CBSE की आधिकारिक वेबसाइट या आधिकारिक नोटिस ही देखें।

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Dailysutra

About Author ✍️ मैं ज्योतिष कुमार, एक सॉफ्टवेयर डेवलपर हूँ और वर्तमान में Tech Mahindra में कार्यरत हूँ। इसके साथ ही मैंने अपना स्टार्टअप Profuture Technologies भी शुरू किया है। टेक्नोलॉजी की दुनिया से जुड़े होने के बावजूद मेरी खास रुचि लेखन में है। मैं Daily Sutra के लिए ऑटोमोबाइल और अन्य कैटेगरी से जुड़ी जानकारियाँ सरल और रोचक अंदाज़ में प्रस्तुत करता हूँ। मेरा उद्देश्य है कि पाठकों को ऐसा कंटेंट मिले, जो जानकारीपूर्ण होने के साथ-साथ दिलचस्प भी लगे।
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