जंतर-मंतर प्रोटेस्ट पर Kangana Ranaut का बड़ा वार: किसी प्रदर्शन में भीड़ जुटना और उस भीड़ को लेकर सवाल खड़े होना, दोनों अलग-अलग बातें हैं। जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन को लेकर अब अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने ऐसा बयान दिया है, जिसने एक बार फिर बहस छेड़ दी है। कंगना ने अपनी पुरानी ‘जेनरेशन गटर’ वाली टिप्पणी का बचाव करते हुए कहा कि उनके निशाने पर देश के सभी युवा नहीं थे, बल्कि प्रदर्शन में मौजूद एक खास तरह की भीड़ थी।
कंगना अपने बेबाक और विवादित बयानों के लिए जानी जाती हैं। इस बार भी उन्होंने अपने बयान से पीछे हटने के बजाय उसे सही ठहराया और कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से समझा गया।
‘मैंने पूरे Gen Z को नहीं कहा था’
कंगना रनौत ने Gen Z को लेकर की गई अपनी टिप्पणी पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने पूरे देश के युवाओं को ‘जेनरेशन गटर’ नहीं कहा था। उनका कहना था कि देश में Gen Z की आबादी करोड़ों में है और इतने बड़े समूह के हर व्यक्ति को एक ही नजरिए से देखना उचित नहीं होगा।
कंगना के मुताबिक, उनकी टिप्पणी जंतर-मंतर पर एकत्र हुई उस खास भीड़ को लेकर थी, जिसके व्यवहार और सोच पर वह सवाल उठा रही थीं। उन्होंने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि अगर कोई उनके कथन का सही संदर्भ बताए, तो बात को समझना आसान होगा।
जंतर-मंतर की भीड़ पर कंगना ने साधा निशाना
कंगना ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि वहां मौजूद लोगों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी, जिन्हें वह एक खास विचारधारा और वर्ग से जोड़कर देखती हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में ‘आधे से ज्यादा तो शबाना आजमी टाइप लोग थे।’
कंगना का यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। उनके बयान में अभिनेत्री शबाना आजमी का नाम आने के बाद इस पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं।
हालांकि कंगना ने अपने बयान को लेकर किसी खास व्यक्ति पर सीधे आरोप लगाने के बजाय प्रदर्शन में मौजूद लोगों के एक वर्ग को लेकर अपनी राय रखी।
‘जेनरेशन गटर’ वाले बयान पर भी कायम हैं कंगना
कंगना ने इससे पहले Gen Z प्रदर्शनकारियों को लेकर ‘जेनरेशन गटर’ जैसा विवादित शब्द इस्तेमाल किया था। उनके इस बयान पर काफी प्रतिक्रिया हुई थी। आलोचकों ने इसे युवाओं के एक पूरे वर्ग को निशाना बनाने वाला बयान बताया था।
लेकिन अब कंगना ने स्पष्ट किया है कि उनका इशारा पूरे Gen Z समुदाय की तरफ नहीं था। वह केवल उस प्रदर्शन में शामिल लोगों के एक हिस्से को लेकर अपनी बात कह रही थीं। उनका कहना है कि किसी बयान को उसके संदर्भ से अलग करके देखने पर उसका अर्थ बदल सकता है। इसी वजह से वह अपने पुराने बयान का बचाव करती नजर आईं।
कंगना ने दिया ‘ओपन चैलेंज
कंगना ने अपनी बात रखते हुए यह भी कहा कि अगर कोई उनके बयान का ऐसा हिस्सा दिखा दे जिसमें उन्होंने पूरे Gen Z को एक जैसा बताया हो, तो वह उसे स्वीकार करने को तैयार हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर ‘ओपन चैलेंज’ देने की बात कही। उनका तर्क था कि उन्होंने देश के करोड़ों युवाओं को लेकर कोई सामान्य टिप्पणी नहीं की थी। उनका बयान एक विशेष परिस्थिति और एक विशेष जगह पर मौजूद लोगों के संदर्भ में था।
कंगना का यह अंदाज उनके राजनीतिक व्यक्तित्व की तरह ही काफी आक्रामक नजर आया। वह अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहती हैं और आलोचनाओं के बावजूद अपनी बात मजबूती से रखने के लिए जानी जाती हैं।

Gen Z पर क्यों छिड़ी बहस?
आज Gen Z देश की बड़ी युवा आबादी का हिस्सा है। सोशल मीडिया, इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दौर में इस पीढ़ी की सोच और अभिव्यक्ति का तरीका पिछली पीढ़ियों से काफी अलग माना जाता है। यही वजह है कि जब किसी सार्वजनिक व्यक्ति की ओर से Gen Z को लेकर कोई तीखी टिप्पणी आती है, तो उस पर बहस होना स्वाभाविक है।
कंगना की टिप्पणी भी इसी बड़ी बहस का हिस्सा बन गई है। जहां उनके समर्थक इसे उनकी स्पष्ट राय मान सकते हैं, वहीं आलोचक इसे युवाओं के एक वर्ग के प्रति कठोर रवैया बता सकते हैं।
बयान से फिर सुर्खियों में कंगना
कंगना रनौत का नाम पहले भी कई राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर दिए गए बयानों के कारण चर्चा में रहा है। इस बार जंतर-मंतर के प्रदर्शन और Gen Z को लेकर उनकी टिप्पणी ने एक बार फिर उन्हें सुर्खियों में ला दिया है।
फिलहाल कंगना अपने बयान पर कायम दिखाई दे रही हैं। उन्होंने साफ किया है कि उनका निशाना पूरे Gen Z पर नहीं था, बल्कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में मौजूद एक खास वर्ग पर था। अब उनके इस बयान पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर किस तरह की प्रतिक्रिया सामने आती है, यह देखना दिलचस्प होगा।
Disclaimer:
यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और दिए गए स्रोत में प्रकाशित जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें कंगना रनौत के बयानों को संदर्भ के साथ प्रस्तुत किया गया है। लेख में व्यक्त विचार संबंधित व्यक्तियों के हैं और इन्हें लेखक की व्यक्तिगत राय नहीं माना जाना चाहिए। किसी व्यक्ति या समुदाय के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले मूल बयान और विश्वसनीय आधिकारिक स्रोतों को देखना उचित है।
READ MORE:https://dailysutra.in/rahul-kranti-ki-10-protest-mai-sabhi-jeet/
READ MORE:https://dailysutra.in/rachi-protest-going-a-large-protest-in-jharkhand/





