लाल किले से PM Modi का बड़ा ऐलान: ‘परमाणु ऊर्जा में भी आत्मनिर्भर बनेंगे’, 5 नए रिएक्टर का लक्ष्य

By: Abhinav kumar

On: Saturday, August 15, 2026 9:00 AM

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लाल किले से PM Modi का बड़ा ऐलान: 15 अगस्त 2026 का दिन देशवासियों के लिए गर्व और भावनाओं से भरा रहा। भारत आज अपनी आजादी की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है और दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ ही समारोह में देशभक्ति का माहौल नजर आया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने भारत के भविष्य को लेकर बड़े लक्ष्य सामने रखे और 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प को दोहराया।

लाल किले से गूंजा ‘वंदे मातरम्’

इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह कई मायनों में खास रहा। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लाल किले के राष्ट्रीय कार्यक्रम में पहली बार इसका औपचारिक गायन हुआ। जैसे ही ‘वंदे मातरम्’ की गूंज ऐतिहासिक लाल किले से सुनाई दी, समारोह में मौजूद लोगों के साथ देशभर में भी भावनाओं और राष्ट्रभक्ति का माहौल बन गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भी इस ऐतिहासिक क्षण का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम्’ गूंजा है। यह अवसर भारत के स्वतंत्रता संग्राम और देश की गौरवशाली विरासत की याद दिलाने वाला रहा।

‘बड़े सपने हमारी सोच को विस्तार देते हैं’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अब छोटे सपनों के साथ आगे बढ़ने वाला देश नहीं है। उन्होंने कहा कि बड़े सपने हमारी सोच का दायरा बढ़ाते हैं। उनका संदेश साफ था कि भारत को आने वाले वर्षों में बड़े और महत्वाकांक्षी लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ना होगा।

प्रधानमंत्री ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि देश अपनी उपलब्धियों, सपनों, संकल्पों और सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ता है। उनके भाषण में आत्मनिर्भर भारत और भविष्य के मजबूत भारत की तस्वीर पर खास जोर दिखाई दिया।

परमाणु ऊर्जा में आत्मनिर्भरता पर बड़ा जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि भारत परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनेगा। इसके लिए देश में पांच नए परमाणु रिएक्टर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

ऊर्जा की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए यह घोषणा बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत के विकास के साथ बिजली की मांग भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में परमाणु ऊर्जा को देश की दीर्घकालिक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के एक महत्वपूर्ण माध्यम के तौर पर देखा जा रहा है।

प्रधानमंत्री का संदेश यह रहा कि भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी क्षमता और तकनीक को मजबूत करना होगा। आत्मनिर्भरता का यह लक्ष्य भारत की अर्थव्यवस्था और विकास की रफ्तार को नई ताकत देने की दिशा में एक अहम कदम हो सकता है।

बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए जताई चिंता

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने देश के कुछ हिस्सों में आई बाढ़ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों देश के कई हिस्सों में बाढ़ का प्रकोप रहा और इससे अनेक परिवार प्रभावित हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने प्रभावित परिवारों के दुख-दर्द को महसूस करने की बात कहते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार और पूरा देश उनके साथ खड़ा है। प्राकृतिक आपदा के समय देशवासियों के एकजुट होकर पीड़ित परिवारों की मदद करने की भावना को भी इस संदेश में प्रमुखता मिली।

युवाओं की भूमिका पर भी रहा खास फोकस

इस साल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में देश की युवा शक्ति और उनकी ऊर्जा को विशेष महत्व दिया गया। भारत को 2047 तक विकसित बनाने के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।

आज का युवा केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि नए विचारों, तकनीक, स्टार्टअप, विज्ञान और innovation के जरिए देश की दिशा बदलने की क्षमता रखता है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस का यह संदेश आने वाली पीढ़ी को देश के बड़े लक्ष्यों से जोड़ने की कोशिश के रूप में भी देखा जा सकता है।

PM Modi 2047 के विकसित भारत का संकल्प

लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन केवल आज की उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहा। इसमें आने वाले भारत की तस्वीर दिखाई गई। 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य पहले से ही सरकार के प्रमुख संकल्पों में शामिल है।

प्रधानमंत्री के भाषण में बड़े सपने, आत्मनिर्भरता, ऊर्जा सुरक्षा, युवा शक्ति और राष्ट्रीय एकता जैसे विषयों की झलक देखने को मिली। स्वतंत्रता दिवस के इस अवसर पर देशवासियों के सामने एक ऐसे भारत का विजन रखा गया, जो अपनी क्षमता के दम पर दुनिया में मजबूत स्थान बनाए।

15 अगस्त का यह समारोह इसलिए भी यादगार रहा क्योंकि इसमें आजादी के इतिहास, वर्तमान की चुनौतियों और भविष्य के भारत—तीनों को एक साथ जोड़ने की कोशिश नजर आई। लाल किले से दिए गए प्रधानमंत्री के संदेश ने देशवासियों के सामने आने वाले वर्षों के लिए बड़े लक्ष्यों और नई उम्मीदों की तस्वीर पेश की।

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Disclaimer:

यह लेख उपलब्ध कराई गई जानकारी और स्वतंत्रता दिवस समारोह से जुड़े दिए गए अपडेट के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें किसी अन्य स्रोत की सामग्री को शब्दशः कॉपी नहीं किया गया है। घटनाक्रम और आधिकारिक घोषणाओं में बाद में बदलाव या अतिरिक्त जानकारी संभव है।

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Abhinav kumar

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