Pradeep Rawat: किसी अपने को हमेशा के लिए खो देना जिंदगी के सबसे मुश्किल पलों में से एक होता है। उस वक्त शब्द कम पड़ जाते हैं और आंखें खुद-ब-खुद नम हो जाती हैं। कुछ ऐसा ही भावुक माहौल मुंबई में उस समय देखने को मिला, जब मशहूर अभिनेता प्रदीप रावत को अंतिम विदाई दी गई। फिल्मी दुनिया में अपने दमदार अभिनय से पहचान बनाने वाले प्रदीप रावत के निधन से परिवार के साथ-साथ पूरी इंडस्ट्री सदमे में है।
5 अगस्त को मुंबई में प्रदीप रावत का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उनके परिवार, करीबी दोस्तों और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। लेकिन सबसे भावुक तस्वीर उनके बेटे की सामने आई, जिसने भारी मन से पिता की अंतिम रस्में पूरी कीं।
नंगे पैर पिता की अंतिम यात्रा में चला बेटा
पिता को अंतिम विदाई देना बेटे के लिए कितना मुश्किल रहा होगा, इसका अंदाजा उन तस्वीरों से लगाया जा सकता है, जिनमें वह सफेद कपड़ों में नंगे पैर नजर आया। पिता की अंतिम यात्रा के दौरान वह बेहद भावुक दिखाई दिया। चेहरे पर गम साफ नजर आ रहा था और आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
अंतिम संस्कार की रस्मों के दौरान बेटे ने पूरी श्रद्धा और हिम्मत के साथ पिता के प्रति अपनी आखिरी जिम्मेदारी निभाई। यह पल वहां मौजूद हर व्यक्ति के लिए बेहद भावुक कर देने वाला था।
आखिरी बार पिता के सिर पर रखा हाथ
सबसे ज्यादा भावुक करने वाला क्षण वह रहा, जब प्रदीप रावत के बेटे ने चिता को अग्नि देने से पहले आखिरी बार पिता के सिर पर हाथ रखा। यह वह पल था, जब शायद एक बेटे को यह एहसास पूरी तरह हो गया कि अब उसके पिता उसके साथ नहीं हैं।
पिता के सिर पर हाथ रखते हुए बेटे की आंखों से छलकता दर्द कैमरों में कैद हो गया। इसके बाद उन्होंने पिता को मुखाग्नि दी और प्रदीप रावत पंचतत्व में विलीन हो गए।
Pradeep Rawat कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद हुआ निधन
प्रदीप रावत लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उन्होंने इस मुश्किल दौर का सामना काफी हिम्मत के साथ किया। उनके आखिरी इंटरव्यू में भी बीमारी और उससे जुड़े संघर्ष की झलक देखने को मिली थी।
उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। अभिनय की दुनिया में उन्होंने कई यादगार किरदार निभाए, जिन्हें दर्शक लंबे समय तक याद रखेंगे। खास तौर पर ‘गजनी’ में उनका खतरनाक विलेन वाला किरदार और ‘महाभारत’ में अश्वत्थामा का रोल उनकी पहचान का अहम हिस्सा रहा।
आमिर खान समेत कई सितारों ने दी श्रद्धांजलि
प्रदीप रावत के अंतिम संस्कार में बॉलीवुड और टीवी जगत के कई कलाकार पहुंचे। आमिर खान भी अपने को-स्टार को अंतिम विदाई देने श्मशान घाट पहुंचे। ‘गजनी’ में दोनों ने साथ काम किया था। आमिर खान ने नम आंखों से प्रदीप रावत को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
इसके अलावा ‘लगान’ से जुड़े अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा भी अपने साथी कलाकार को अंतिम विदाई देने पहुंचे। उनके चेहरे पर दोस्त को खोने का दर्द साफ दिखाई दे रहा था। वह प्रदीप रावत की तस्वीर को काफी देर तक देखते नजर आए।

दोस्तों और को-स्टार्स ने भी नम आंखों से कहा अलविदा
प्रदीप रावत के करीबी दोस्त और फिल्ममेकर आशुतोष गोवारिकर भी अंतिम संस्कार में मौजूद रहे। अभिनेता यशपाल भी परिवार के साथ खड़े दिखाई दिए। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदीप के निधन की खबर सबसे पहले यशपाल ने ही साझा की थी।
‘लगान’ में उनके साथ काम कर चुके आमीन हाजी भी अपनी पत्नी और बेटियों के साथ अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। इसके अलावा टीवी अभिनेता करण ग्रोवर और अभिनेत्री रुहानिका धवन ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। रुहानिका परिवार से बातचीत करते हुए भावुक नजर आईं और अपने आंसू नहीं रोक सकीं।

किरदारों के जरिए हमेशा जिंदा रहेंगे प्रदीप रावत
प्रदीप रावत अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका शानदार अभिनय उन्हें हमेशा दर्शकों के दिलों में जिंदा रखेगा। उन्होंने पर्दे पर ऐसे किरदार निभाए, जिन्हें देखकर दर्शकों ने कभी डर महसूस किया तो कभी उनके अभिनय की जमकर तारीफ की।
एक कलाकार का शरीर भले ही दुनिया से विदा हो जाए, लेकिन उसके निभाए किरदार और उसकी कला लंबे समय तक लोगों के बीच रहती है। प्रदीप रावत के साथ भी यही होगा। उनके परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय है और उनके चाहने वालों के लिए भी उनका जाना किसी सदमे से कम नहीं है।
उनकी अंतिम विदाई की तस्वीरें एक ऐसे बेटे के दर्द को सामने लाती हैं, जिसने भारी मन से अपने पिता को आखिरी बार विदा किया। नंगे पैर अंतिम यात्रा में चलने से लेकर पिता के सिर पर आखिरी बार हाथ रखने और मुखाग्नि देने तक, हर पल भावुक कर देने वाला रहा।
Disclaimer:
यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट और सार्वजनिक रूप से सामने आई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी का उद्देश्य पाठकों को घटना से अवगत कराना है। किसी व्यक्ति या परिवार की भावनाओं को ठेस पहुंचाना इसका उद्देश्य नहीं है।





