7 Dogs Review: कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जिनसे कहानी से ज्यादा उम्मीद उनके एक्शन, सितारों और बड़े पर्दे पर दिखने वाले धमाकेदार अंदाज को लेकर होती है। सलमान खान और संजय दत्त की ‘7 Dogs’ भी कुछ ऐसी ही फिल्म नजर आती है। फिल्म की शुरुआत से ही दर्शक को तेज रफ्तार घटनाओं, गोलियों, विस्फोटों और शानदार लोकेशंस की दुनिया में पहुंचा दिया जाता है। लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, महसूस होता है कि फिल्म का असली जोर कहानी की गहराई से ज्यादा उसके एक्शन और ग्लैमर पर है।
‘7 Dogs’ की कहानी क्या है?
फिल्म की कहानी इंटरनेशनल क्राइम नेटवर्क के इर्द-गिर्द घूमती है। इस नेटवर्क में Pink Lady नाम की एक खतरनाक ड्रग तेजी से फैल रही है। इसी खतरे को रोकने के लिए खालिद को एक आखिरी मिशन पर वापस उतरना पड़ता है। इसके बाद कहानी एक ऐसे मिशन का रूप ले लेती है, जहां हर मोड़ पर खतरा है और किरदारों को अपनी जान बचाने के साथ-साथ अपने मकसद को पूरा करने की चुनौती भी मिलती है।
फिल्म का शुरुआती प्लेन सीक्वेंस खास तौर पर ध्यान खींचता है। इसे देखकर ऐसा लगता है जैसे दर्शक फिल्म का ट्रेलर नहीं, बल्कि पूरी फिल्म की झलक एक ही सीक्वेंस में देख रहा हो। गोलियों की आवाज, धमाके, भागदौड़ और लगातार बदलते हालात फिल्म की शुरुआत को काफी तेज बना देते हैं। इसके बाद कहानी अलग-अलग देशों और लोकेशंस के बीच घूमती है, जिससे फिल्म का इंटरनेशनल स्केल और भी बड़ा महसूस होता है।
सलमान खान और संजय दत्त की जोड़ी में दिखा दम
‘7 Dogs’ की सबसे बड़ी ताकत इसके लीड एक्टर्स हैं। सलमान खान और संजय दत्त को एक साथ एक्शन करते देखना अपने आप में दर्शकों के लिए खास अनुभव है। दोनों कलाकारों की स्क्रीन प्रेजेंस ऐसी है कि कई बार कहानी से ज्यादा नजर उन्हीं पर टिक जाती है।
सलमान का किरदार फिल्म में अपनी स्टार पावर के मुताबिक एक्शन से भरपूर नजर आता है। वहीं संजय दत्त का अंदाज भी फिल्म के माहौल में अच्छी तरह फिट बैठता है। दोनों के बीच की केमिस्ट्री फिल्म को एक अलग ऊर्जा देती है। खासकर जब दोनों किरदार मुश्किल परिस्थितियों में फंसते हैं, तब फिल्म की रफ्तार और बढ़ जाती है।
हालांकि, अगर आप इन दोनों से एक बेहद मजबूत और भावनात्मक कहानी की उम्मीद कर रहे हैं, तो फिल्म आपको कुछ जगहों पर निराश कर सकती है। किरदारों को गहराई देने के बजाय फिल्म कई बार उन्हें सिर्फ अगले एक्शन सीक्वेंस तक पहुंचाने का माध्यम बना देती है।
एक्शन है फिल्म की सबसे बड़ी ताकत
अगर ‘7 Dogs’ को एक शब्द में परिभाषित करना हो तो वह शब्द होगा—एक्शन। फिल्म में एक के बाद एक ऐसे सीक्वेंस आते हैं, जिनमें गोलियां, कार चेज, धमाके और हाथापाई लगातार देखने को मिलती है।
शुरुआती प्लेन वाला हिस्सा इसी बात का संकेत दे देता है कि फिल्म दर्शकों को ज्यादा आराम देने के मूड में नहीं है। इसके बाद कहानी लास वेगस और उसके आसपास के रेगिस्तानी इलाकों तक पहुंचती है। अलग-अलग लोकेशंस का इस्तेमाल फिल्म को एक इंटरनेशनल एक्शन फिल्म जैसा एहसास देता है।
फिल्म की सिनेमैटिक दुनिया बड़ी है और इसे देखकर यह साफ महसूस होता है कि मेकर्स ने विजुअल स्केल पर काफी मेहनत की है। स्क्रीन पर होने वाली अफरातफरी कई जगह मनोरंजन करती है, हालांकि कुछ एक्शन सीक्वेंस जरूरत से ज्यादा लंबे भी महसूस हो सकते हैं।
एक्शन के बीच कॉमेडी का तड़का
फिल्म पूरी तरह गंभीर क्राइम और एक्शन ड्रामा बनकर नहीं रहती। इसमें बीच-बीच में हल्की-फुल्की कॉमेडी भी आती रहती है। खास बात यह है कि कॉमेडी कई बार बेहद तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच पैदा होती है।
एक एक्शन सीक्वेंस के दौरान खालिद को अपनी मंगेतर का फोन आना इसका अच्छा उदाहरण है। चारों तरफ खतरा और अफरातफरी है, लेकिन उसी समय निजी जिंदगी से जुड़ी बातचीत एक हल्का और मजेदार पल पैदा करती है। ऐसे छोटे-छोटे पल फिल्म को लगातार गोलियों और धमाकों से थोड़ी राहत देते हैं।
हालांकि, कॉमेडी और एक्शन का यह संतुलन हर जगह एक जैसा प्रभाव नहीं छोड़ता। कुछ दृश्यों में यह मनोरंजक लगता है, जबकि कुछ जगहों पर यह कहानी की गंभीरता को थोड़ा कमजोर करता हुआ महसूस होता है।
मोनिका बेलुची की मौजूदगी ने बढ़ाया ग्लैमर
फिल्म जब लास वेगस और रेगिस्तानी इलाकों से आगे बढ़ती है, तब कहानी जूलिया के किरदार तक पहुंचती है। इस भूमिका में मोनिका बेलुची नजर आती हैं। बेलुची फिल्म के सबसे आकर्षक चेहरों में से एक हैं और उनकी मौजूदगी फिल्म के इंटरनेशनल अपील को और मजबूत करती है।
उनका किरदार कहानी में एक अलग तरह की रहस्यमय ऊर्जा लेकर आता है। हालांकि, फिल्म उनके किरदार को उतनी गहराई नहीं दे पाती, जितनी उम्मीद की जा सकती थी। बावजूद इसके, उनकी स्क्रीन प्रेजेंस दर्शकों का ध्यान खींचने में कामयाब रहती है।
कहानी में गहराई की कमी खलती है
‘7 Dogs’ का सबसे कमजोर पक्ष इसकी कहानी है। फिल्म में बड़ा सेटअप है, बड़े कलाकार हैं, शानदार लोकेशंस हैं और भरपूर एक्शन है, लेकिन इन सबके बीच कहानी कई बार पीछे छूट जाती है।
क्राइम नेटवर्क और Pink Lady ड्रग से जुड़ी कहानी में संभावनाएं काफी थीं। अगर किरदारों की पृष्ठभूमि, उनके रिश्तों और मिशन के भावनात्मक पहलुओं को थोड़ा और विस्तार दिया जाता, तो फिल्म का असर कहीं ज्यादा मजबूत हो सकता था।
यह फिल्म दर्शक को रोमांचित जरूर करती है, लेकिन हर बार भावनात्मक रूप से जोड़ नहीं पाती। यही वजह है कि एक्शन खत्म होने के बाद फिल्म के कई हिस्से उतनी मजबूती से याद नहीं रहते।
कैसी है ‘7 Dogs’?
कुल मिलाकर, ‘7 Dogs’ एक तेज रफ्तार इंटरनेशनल एक्शन फिल्म है, जो सलमान खान और संजय दत्त की स्टार पावर, बड़े एक्शन सीक्वेंस और शानदार लोकेशंस के दम पर मनोरंजन करने की कोशिश करती है। फिल्म में कई ऐसे पल हैं जो थिएटर में सीट से बांधे रखते हैं, लेकिन कमजोर कहानी और किरदारों में गहराई की कमी इसकी चमक को कुछ हद तक फीका कर देती है।
अगर आपको बड़े पर्दे पर धुआंधार एक्शन, तेज रफ्तार कहानी, ग्लैमरस लोकेशंस और स्टार्स का स्वैग पसंद है, तो ‘7 Dogs’ आपको मनोरंजन दे सकती है। लेकिन अगर आप एक मजबूत कहानी, गहरे किरदार और भावनात्मक जुड़ाव वाली फिल्म देखने जा रहे हैं, तो आपकी उम्मीदें पूरी तरह पूरी नहीं होंगी।
Disclaimer:
यह फिल्म समीक्षा उपलब्ध जानकारी और फिल्म के दिए गए दृश्यों/कहानी के आधार पर तैयार की गई है। फिल्म को लेकर दर्शकों की राय व्यक्तिगत पसंद और अपेक्षाओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
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