Padma Awards 2026: भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कार केवल उपलब्धियों का सम्मान नहीं होते, बल्कि उन लोगों के योगदान को सलाम करने का अवसर भी होते हैं जिन्होंने अपने क्षेत्र में असाधारण काम किया है। मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह के दूसरे चरण में ऐसा ही एक भावुक और यादगार दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
देश की मशहूर पार्श्व गायिका अलका याग्निक को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। सम्मान ग्रहण करने के दौरान उनका एक भावुक कदम सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। जैसे ही उनका नाम पुकारा गया, वे मुस्कुराते हुए मंच की ओर बढ़ीं, लेकिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पास पहुंचने से पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस पल ने समारोह को और भी खास बना दिया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 65 हस्तियों को किया सम्मानित
राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह के दूसरे चरण में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कुल 65 प्रतिष्ठित हस्तियों को सम्मानित किया। ये सभी लोग कला, साहित्य, शिक्षा, विज्ञान, खेल, चिकित्सा और समाज सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किए गए।
इस समारोह में कई बड़े नाम शामिल रहे, जिनमें प्रसिद्ध गायिका अलका याग्निक, दिग्गज अभिनेता आर. माधवन और दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार ममूटी जैसे कलाकार प्रमुख रहे। समारोह के दौरान सम्मान प्राप्त करने वाले सभी लोगों के चेहरे पर गर्व और खुशी साफ दिखाई दे रही थी।
अलका याग्निक का भावुक अंदाज बना चर्चा का विषय
जब अलका याग्निक का नाम पद्म भूषण के लिए घोषित किया गया तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। वर्षों से अपनी मधुर आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली अलका याग्निक के लिए यह सम्मान उनके शानदार संगीत सफर का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ।
हालांकि सम्मान ग्रहण करने से पहले उन्होंने जो किया, उसने लोगों का दिल जीत लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास जाकर उनके पैर छूना और आशीर्वाद लेना भारतीय संस्कृति और सम्मान की भावना का एक खूबसूरत उदाहरण बन गया। इस दौरान पीएम मोदी ने भी मुस्कुराते हुए उनका अभिवादन स्वीकार किया।
सोशल मीडिया पर इस पल की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। कई लोगों ने इसे विनम्रता और संस्कार का प्रतीक बताया, जबकि प्रशंसकों ने अलका याग्निक की सादगी की जमकर तारीफ की।
दशकों से संगीत जगत की पहचान हैं अलका याग्निक
अलका याग्निक भारतीय संगीत जगत का वह नाम हैं, जिन्होंने कई पीढ़ियों को अपनी आवाज का दीवाना बनाया है। उन्होंने अपने करियर में हजारों गाने गाए हैं और बॉलीवुड के लगभग हर बड़े सितारे के लिए अपनी आवाज दी है।
‘एक दो तीन’, ‘दिल ने ये कहा है दिल से’, ‘कुछ कुछ होता है’ और ‘ताल से ताल मिला’ जैसे अनगिनत गीत आज भी लोगों की जुबान पर हैं। उनकी आवाज में भावनाओं की गहराई और मधुरता ने उन्हें भारतीय संगीत की सबसे सफल गायिकाओं में शामिल किया है।
पद्म भूषण सम्मान उनके इसी लंबे और शानदार योगदान की पहचान माना जा रहा है।
आर. माधवन और ममूटी को भी मिला सम्मान
इस समारोह में अभिनेता आर. माधवन और ममूटी को भी उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। दोनों कलाकारों ने भारतीय सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आर. माधवन ने हिंदी और दक्षिण भारतीय फिल्मों में अपने अभिनय से अलग पहचान बनाई है, वहीं ममूटी पिछले कई दशकों से भारतीय सिनेमा के सबसे सम्मानित अभिनेताओं में गिने जाते हैं। उनके सम्मानित होने से समारोह की गरिमा और बढ़ गई।

पद्म पुरस्कार: देश की प्रतिभाओं को सलाम
पद्म पुरस्कार भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में से एक हैं। ये पुरस्कार उन लोगों को दिए जाते हैं जिन्होंने अपने क्षेत्र में असाधारण योगदान देकर समाज और देश को नई दिशा दी है।
हर साल इन पुरस्कारों के जरिए उन प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाता है, जिनका काम लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बनता है। यही वजह है कि पद्म पुरस्कार केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि देश की ओर से व्यक्त किया गया आभार भी होते हैं।
एक ऐसा पल जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा
पद्म पुरस्कार समारोह 2026 कई उपलब्धियों और सम्मानित हस्तियों के लिए याद रखा जाएगा, लेकिन अलका याग्निक का वह भावुक पल भी लोगों के दिलों में लंबे समय तक बना रहेगा। अपनी विनम्रता, संस्कार और सादगी से उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि सच्ची महानता केवल उपलब्धियों में नहीं, बल्कि व्यवहार में भी झलकती है।
Disclaimer:
यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है। किसी भी घटना, बयान या सम्मान से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित सरकारी या आधिकारिक स्रोतों का संदर्भ अवश्य लें।





